चुनाव आयोग पर बढ़ती आलोचनाओं के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए एक स्पष्ट बयान दे दिया है। अठावले का दृढ़ मानना है कि ज्ञानेश कुमार किसी भी परिस्थिति में इस्तीफा देने की ओर नहीं बढ़ें, क्योंकि वे अपने पद की जिम्मेदारी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी तिरसा कि प्रचलित ‘SIR’ (विशेष सूचना समीक्षा) की प्रक्रिया पूरी तरह से न्यायसंगत और निष्पक्ष ढंग से चल रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अन्याय की संभावना नहीं बनी है।
देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अठावले ने अपनी आलोचना का निशाना सीधे कांग्रेस और उसके प्रवक्ता राहुल गांधी पर साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी SIR को लेकर देश में ‘झूठ की दुकान’ चला रही है और अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर कठघरे खींचने का काम कर रही है। अठावले ने कांग्रेस की ‘दोहरी नीति’ (Double Standard) पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आते हैं, तो वे चुप रह जाते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें हार का अनुभव होता है, वे तुरंत EVM और चुनाव आयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर ठीकरा फोड़ना शुरू कर देते हैं। उन्होंने विपक्ष को यह भी याद दिलाया कि EVM मशीनों का प्रचलन किसी अन्य सरकार के कार्यकाल में नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस की केंद्र सरकार के दौर में ही शुरू किया गया था।
रामदास अठावले ने आगे दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली रिकॉर्ड तोड़ सफलताओं ने राहुल गांधी को इतना बौखला दिया है कि वे अब संतुलन खो चुके हैं। अठावले ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़कर नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर चुके हैं, जिसे विपक्ष अभी तक पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि देश की जनता का भरोसा अभी भी मोदी जी के साथ है और आगामी चुनावों में भी NDA की सरकार चौथी बार पूर्ण बहुमत के साथ बनेगी।
अठावले ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के आंकड़े पेश करते हुए यह भी तर्क दिया कि विपक्ष अब मुद्दे से ही खाली है। उन्होंने बताया कि देश में अब तक 59 करोड़ 30 लाख से अधिक जन धन बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से अकेले उत्तराखंड राज्य में 40 लाख 95 हजार खातों का आंकड़ा दर्ज है। अठावले का कहना है कि इन योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन से लाभ सीधे तौर पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिसने विपक्ष के हाथों से राजनीति करने के सारे पेंच छीन लिए हैं।
