जल संस्था द्वारा जारी नवीनतम अलर्ट में बताया गया है कि उपभोक्ताओं को अब “पानी का बिल नहीं भरा तो कट जाएगा” के दावे वाले फर्जी व्हाट्सएप संदेश मिल रहे हैं। इन संदेशों में एक उपभोक्ता पहचान संख्या (सीआईएन) और एक निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का निर्देश दिया जाता है। यदि समय पर कार्रवाई न की जाए तो कनेक्शन काटने की बात भी कही जाती है।
संदेश का दूसरा हिस्सा बिल भुगतान के नाम पर KYC करवाने और एक APK फ़ाइल डाउनलोड करने का आग्रह करता है। जल संस्था के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क न करें और न ही अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलना जोखिम भरा हो सकता है और मोबाइल में फ़ाइल डाउनलोड करना भी सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता है।
मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह ने भी इस ठगी के प्रयास के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है और विभागीय कर्मचारियों को उपभोक्ताओं को साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। कार्यालयों में भी जागरूकता संबंधी नोटिस लगाने का निर्देश दिया गया है।
जल संस्था ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत कार्यालय या संबंधित अधिकारी से ही जल से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि की जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को OTP, UPI PIN, बैंक खाता विवरण, KYC दस्तावेज या अन्य निजी जानकारी साझा न करने की कड़ी सलाह दी गई है। यदि किसी को साइबर ठगी का सामना करना पड़े, तो तुरंत पुलिस या साइबर अपराध विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है।
इस तरह के डराने वाले संदेश और संदिग्ध लिंक से बचकर उपभोक्ता अपने जल कनेक्शन और व्यक्तिगत डेटा दोनों की सुरक्षा कर सकते हैं। जल संस्था के इस कदम का उद्देश्य नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाना और अनावश्यक आर्थिक नुकसान को रोकना है।
