हिमालय की शांत वादियों में जहाँ कभी मंत्रों के जप और हवा की सुकून भरी सरसराहट मन को शांति देती थी, अब DJ की तेज़ धुनें गूंज रही हैं। इसी पवित्र स्थल पर हाल ही में आयोजित DJ कॉन्सर्ट ने राजनीति और आध्यात्मिक जगत में हलचल मचा दी है। वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने इस कार्यक्रम पर कड़ा एतराज जताते हुए अपनी गहरी नाराज़गी जाहिर की है।
डॉ. जोशी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बड़नाथ धाम में DJ कॉन्सर्ट की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि धाम की पवित्रता पर सीधा आघात है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जहाँ शंख बजाना वर्जित है, वहीं शोर-शराबा कर रहे हैं। “आदि गुरु शंकराचार्य जी ने इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण भगवत भजन के लिए की थी,” उन्होंने याद दिलाया। उनके अनुसार, इस स्थान की संवेदनशीलता और परंपरा इतनी सख्त है कि यहाँ शंख बजाना भी मना है, और इस नियम को भुलाकर शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा है।
“देवभूमि को बनाया जा रहा है बाजारू संस्कृति का शिकार,” डॉ. जोशी ने आगे कहा, “यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृति के रूप में परिणीत किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इतनी अधिक ऊँचाई पर हजारों लोगों के एक साथ नाचने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर और घातक दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं, जिसकी सरसरी अनदेखी की जा रही है।
जोशी ने हिमालय को “देवात्मा” के रूप में वर्णित किया, भगवान शंकर का निवास और माँ गंगा का उद्गम स्थल बताते हुए, और कहा कि इसे “नाच ग्रह” बनाना करोड़ों भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, शंकराचार्यों और संतों से इस सांस्कृतिक क्षरण के खिलाफ प्रभावी आवाज उठाने का अनुरोध किया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से भी आग्रह किया कि वे ऐसे आयोजनों पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाएँ और देवभूमि की मर्यादा व पवित्रता को बनाए रखें।
Original Title: बद्रीनाथ धाम में DJ concert पर भड़के BJP नेता, बोले ‘जहां शंख बजाना मना, वहां नचाया जा रहा है’
Original Content: हिमालय की वादियों में जहां कभी मंत्रों के जाप और हवाओं की सरसराहट से मन शांत होता था, वहां अब DJ की धमक गूंज रही है। बद्रीनाथ धाम में हाल ही में हुए DJ Concert को लेकर राजनीति और आध्यात्म जगत में भारी हलचल मच गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने इस आयोजन पर कड़ा एतराज जताते हुए अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
बद्रीनाथ धाम में DJ concert पर भड़के मुरली मनोहर जोशी
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए डॉ. जोशी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में DJ concert की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि धाम की पवित्रता पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा जहां शंख वर्जित, वहां हो रहा शोर-शराबा! जोशी ने इस बात की याद दिलाई कि आदि गुरु शंकराचार्य जी ने इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी।
मुरली मनोहर जोशी ने कहा इस स्थान की संवेदनशीलता और परंपरा इतनी सख्त है कि यहां शंख बजाना भी मना है। लेकिन इस नियम को भूलकर शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा है।
देवभूमि को बनाया जा रहा है बाजारू संस्कृति का शिकार: जोशी
भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा ‘देवभूमि को बनाया जा रहा है बाजारू संस्कृति का शिकार’ अपनी बात में तीखापन जोड़ते हुए उन्होंने लिखा, “यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृति के रूप में परिणीत किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी चिंता जताई कि इतनी अधिक ऊंचाई पर हजारों लोगों के एक साथ नाचने से उनके स्वास्थ्य पर भी गंभीर और घातक दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं, जिसकी सरासर अनदेखी की जा रही है।
हिमालय नाच घर नहीं! : जोशी
जोशी ने आगे कहा कि हिमालय देवात्मा है, भगवान शंकर का निवास और मां गंगा का उद्गम स्थल है। इसे ‘नाच ग्रह’ बनाना करोड़ों भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है। मुरली मनोहर जोशी ने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, शंकराचार्यों और संतों से इस सांस्कृतिक क्षरण के खिलाफ प्रभावी आवाज उठाने का अनुरोध किया है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से भी आग्रह किया है कि वे ऐसे आयोजनों पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाएं और देवभूमि की मर्यादा व पवित्रता को बनाए रखें।
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