उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी विमल सिंह, जो एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, पर 14 जनवरी 2026 को फेसबुक पर देखे गए KBC ऑनलाइन गेम के एक विज्ञापन के कारण 1.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। विज्ञापन में चेहरा पहचान प्रतियोगिता के माध्यम से बड़ी राशि जीतने का दावा किया गया था, जिसमें मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें दिखाई गईं। विमल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने सभी तस्वीरों को सही पहचान लिया और उन्हें लाखों रुपये जीतने की सूचना मिली।
जैसे ही उन्होंने अपनी जीत की राशि लेने की बात की, नितिन नाम के एक व्यक्ति ने टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे की मांग शुरू कर दी। ठगों ने अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर आरबीआई के दस्तावेज भी भेजे, जिससे उन्हें विश्वास हुआ कि उनके नाम करोड़ों रुपये की राशि है। 30 मार्च से लेकर सितंबर तक, ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य बहानों के तहत लगभग 50 से अधिक लेनदेन करवाए, जिनमें से कुल राशि 1.50 करोड़ रुपये बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
विमल सिंह ने कुछ रकम अपने बैंक खातों से भेजी, जबकि अन्य रकम परिचितों से उधार लेकर ठगों द्वारा बताए खातों में ट्रांसफर की। 1.5 करोड़ रुपये भेजने के बाद भी ठगों की मांग रुकती नहीं रही। जब पीड़ित और उसके परिचितों के पास पैसे नहीं बचे, तभी उन्हें पूरे मामले में धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दायर करने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस ने जनता से चेतावनी दी है कि किसी भी ऑनलाइन गेम, लॉटरी या प्रतियोगिता में टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या किसी अन्य बहाने से पैसे मांगने पर तुरंत संदेह करें और बैंक की जानकारी या ओटीपी साझा न करें।
Original Title: उत्तराखंड: KBC ऑनलाइन गेम में फंसा अध्यापक, इनाम के नाम पर ठगों ने ऐंठे 1.50 करोड़
Original Content: KBC Online Game | Cyber Fraud | Dehradun News : ऑनलाइन गेम में रकम जीतने का लालच एक शिक्षक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने कौन बनेगा करोड़पति यानी KBC ऑनलाइन गेम की चेहरा पहचान प्रतियोगिता में जीत का झांसा देकर शिक्षक से करीब 1.50 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने दावा किया था कि हर सही चेहरा पहचानने पर उन्हें 8.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। पीड़ित शिक्षक रुद्रप्रयाग निवासी विमल सिंह हैं। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर बताया कि यह ठगी कई महीनों तक चलती रही। आरोपित अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे पैसे ट्रांसफर करवाते रहे। करीब 50 से ज्यादा ट्रांजेक्शन के बाद जब उनके पास पैसे खत्म हो गए…तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार विमल सिंह ने 14 जनवरी 2026 को फेसबुक पर KBC ऑनलाइन गेम का एक विज्ञापन देखा था। इसमें चेहरा पहचानो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पर बड़ी रकम जीतने का दावा किया गया था। प्रतियोगिता के दौरान उन्हें मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें दिखाई गईं। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने तस्वीरों को पहचान लिया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उन्होंने लाखों रुपये की रकम जीत ली है। जीती रकम लेने के नाम पर शुरू हुई मांग शिकायत के मुताबिक जब विमल सिंह ने अपनी जीती हुई रकम लेने की बात कही तो नितिन नाम के व्यक्ति ने उनसे कहा कि रकम जारी करने से पहले टैक्स और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग नंबरों से उनसे संपर्क करना शुरू किया। ठगों ने कथित तौर पर आरबीआई के दस्तावेज भी भेजे और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके नाम करोड़ों रुपये की रकम है। रकम निकालने के लिए कभी टैक्स तो कभी दूसरी फीस के नाम पर पैसे मांगे गए। शिकायत के अनुसार ठगों ने शिक्षक को यह भी बताया कि वह एक कार जीत चुके हैं। इसके बाद भी अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे लगातार रकम जमा कराई गई। बताया गया है कि 30 मार्च से ठगों ने उनसे टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मंगाने शुरू किए। सितंबर तक अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। 50 से ज्यादा ट्रांजेक्शन, निजी खातों से भी भेजे पैसे पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कुछ रकम उन्होंने अपने बैंक खातों से भेजी….जबकि कुछ पैसे परिचितों से उधार लेकर साइबर ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर किए। इस दौरान उनसे 50 से ज्यादा बार लेनदेन कराया गया। डेढ़ करोड़ रुपये भेजने के बाद भी ठगों की मांग खत्म नहीं हुई। आरोपित उनसे आगे भी पैसे जमा करने के लिए कहते रहे। जब पीड़ित और उनके परिचितों के पास पैसे नहीं बचे…तब उन्हें पूरे मामले में धोखाधड़ी का एहसास हुआ। ठगी का पता चलने के बाद विमल सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती है कि ऑनलाइन गेम, लॉटरी या प्रतियोगिता में इनाम जीतने के नाम पर अगर कोई व्यक्ति टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या किसी अन्य बहाने से पैसे मांगता है…तो रकम ट्रांसफर न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी भी साझा न करें।
