उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के खिलाफ तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अब झूठ, भ्रम और बेबुनियाद आरोपों के सहारे राजनीतिक नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश कर रही है” और “एक आरोप लगाती है और जब तथ्य सामने आते हैं तो वही आरोप स्वतः धराशायी हो जाता है।”
पहले, हल्द्वानी घटना पर धामी ने कहा कि कांग्रेस ने जातिगत भेदभाव के आरोप लगाकर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की। “बाद में सामने आए तथ्यों ने कांग्रेस के इस नैरेटिव पर सवाल खड़े कर दिए और घटना से जुड़े पांच लोग स्वयं अनुसूचित जाति समाज से थे” उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि संवेदनशील सामाजिक विषयों पर बिना तथ्य के राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसके बाद, UIIDB पर कांग्रेस के आरोपों पर धामी ने जवाब दिया कि “कांग्रेस ने 7,000 बीघा जमीन दिए जाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड को अब तक कुल 45 एकड़ भूमि ही उपलब्ध कराई गई है।” उन्होंने UIIDB के उद्देश्य को पर्यटन और आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से प्रदेश में निवेश, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के रूप में परिभाषित किया। ऊर्जा खरीद के मामले में, धामी ने कहा कि “विपक्ष को सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के फैसलों का भी हिसाब देना चाहिए। कांग्रेस सरकार के समय किए गए गैस पावर करार के कारण 2025‑26 में राज्य को गैस आधारित बिजली के लिए 31.71 रुपये प्रति यूनिट तक भुगतान करना पड़ा, जबकि वर्तमान सरकार ने 1320 मेगावाट बिजली की व्यवस्था लगभग 5.74 रुपये प्रति यूनिट की दर से 25 वर्षों के लिए सुनिश्चित की है।”
अंकिता भंडारी प्रकरण पर धामी ने बताया कि “मामले में तीनों दोषियों को निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है और अगस्त 2026 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। राज्य सरकार ने अंकिता के माता‑पिता की मांग पर प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी और सीबीआई ने फरवरी 2026 में मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।” उन्होंने भावुक होकर कहा, “अंकिता हमारी बेटी थी… हमें न्याय दिलाने के लिए सरकार पहले दिन से पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी रही है और आगे भी कानून के अनुसार हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।”
अंत में, धामी ने दोहराया कि “भाजपा सरकार ने प्रत्येक निर्णय में पारदर्शिता, नियम और प्रदेशहित को सर्वोपरि रखा है। कांग्रेस जितने चाहे आरोप लगाए, सरकार हर आरोप का जवाब तथ्यों से देगी। झूठ बार‑बार बोलने से सच नहीं बन जाता और उत्तराखंड की जनता तथ्य और राजनीतिक आरोप के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।”
