2027 विधानसभा चुनाव के पूर्व संध्या पर उत्तराखंड कांग्रेस में फिर से राजनीतिक हलचल के दायरे में आ गया है। रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा आज कांग्रेस में अपनी “घर वापसी” के लिए देहरादून की ओर रवाना हुए, साथ लेकर चल रहे हैं सैकड़ों समर्थक और कार्यकर्ता। राणा ने अपनी यात्रा के दौरान कहा कि यह कदम हाईकमान के निर्देश पर है, और वे फिर से पार्टी के ढाँचे में लौट रहे हैं।
रुड़की के पूर्व मेयर ने निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस से बगावत कर एक स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उनकी पत्नी श्रेष्ठा राणा ने भी उसी समय मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में उतरकर भाग लिया, परंतु चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाई। तब से यशपाल राणा का कांग्रेस से संबंध टूट चुका था, परंतु अब 2027 के चुनावी परिदृश्य में उनकी वापसी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यशपाल राणा के साथ देहरादून की ओर रवाना होने वाले समर्थकों की संख्या ने कांग्रेस में उनके प्रभाव को लेकर चर्चा को और बढ़ा दिया है। पार्टी के भीतर इस कदम से यह सवाल उठ रहा है कि क्या राणा अपनी नई भूमिका में पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट कर एक मजबूत चुनावी मोर्चा बना पाएंगे। उनकी वापसी से कांग्रेस को उत्तराखंड के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में एक नया बल मिल सकता है, जहाँ पहले स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में उनके नाम ने काफी पहचान बनाई थी।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राणा के इस कदम को स्वीकारते हुए कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य सभी मतदाताओं तक पहुँच बनाना है और किसी भी तरह के विभाजन को दूर करना है। यशपाल राणा की वापसी से न केवल पार्टी की रणनीति में बदलाव की संभावना है, बल्कि उत्तराखंड के चुनावी परिदृश्य में भी एक नया आयाम जुड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना बाकी है कि यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को कितना प्रभावित करेगा।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News
Original Title: रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा की होगी घर वापसी, कांग्रेस में सियासी हलचल तेज
Original Content: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा आज कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। यशपाल राणा सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ देहरादून के लिए रवाना हुए। उनका कहना है कि हाईकमान के निर्देश पर वह एक बार फिर कांग्रेस में घर वापसी कर रहे हैं।
रुड़की के पूर्व मेयर यशपाल राणा की होगी घर वापसी
दरअसल, निकाय चुनाव के दौरान यशपाल राणा ने कांग्रेस से बगावत की थी। उनकी पत्नी श्रेष्ठा राणा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरकर मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें चुनाव में जीत हासिल नहीं हो पाई थी इसके बाद अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यशपाल राणा की कांग्रेस में वापसी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समर्थकों के साथ कांग्रेस ज्वाइन करेंगे यशपाल राणा
यशपाल राणा के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के देहरादून रवाना होने से कांग्रेस में उनके प्रभाव को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट कर साथ लेकर चलने की होगी। ऐसे में उनकी घर वापसी आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को कितना प्रभावित करती है, यह देखने वाली बात होगी।
