पहाड़ों से निकलकर चिकित्सा की ऊँचाइयों पर – श्रेया मिश्रा का दून मेडिकल कॉलेज में MBBS चयन

चमोली जिले के बंड क्षेत्र के सल्ला-रैतौली ग्राम सभा के निवासी, श्रेया मिश्रा ने अपनी अथक मेहनत और प्रतिभा के बल पर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। 2024 की इस गर्मी में, दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में MBBS की पढ़ाई के लिए उनकी चयन सूचना ने पूरे गाँव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खुशी और गर्व की लहर दौड़ा दी।

श्रेया का जीवन ग्रामीण परिवेश के सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास का प्रतीक है। उनके परिवार, रिश्तेदारों और गाँव के अन्य लोगों के अनुसार, यह सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के सपनों और आकांक्षाओं का भी प्रतीक है। “हमारे यहाँ सीमित सुविधाएँ थीं, पर श्रेया ने अपने अध्ययन के प्रति लगन से इन सीमाओं को पार किया,” गाँव के एक प्रमुख ने बताया।

श्रेया के चयन पर, पीएम श्री आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ज्योतिर्मठ की प्रधानाचार्य उर्मिला बहुगुणा ने भी अपने हार्दिक बधाई संदेश भेजे। उन्होंने कहा, “श्रेया की सफलता हमें यह सिखाती है कि जहाँ तक शिक्षा का मार्ग खुला है, वहाँ हर छात्रा को अपना उज्ज्वल भविष्य बनाना संभव है।” इस प्रकार, उनके शब्दों ने गाँव की युवा पीढ़ी को प्रेरित किया है।

समीक्षा करते हुए, स्थानीय लोग मानते हैं कि श्रेया की उपलब्धि पहाड़ की अन्य बेटियों के लिए एक मिसाल है। वे आशा करते हैं कि MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद, श्रेया न केवल एक कुशल चिकित्सक बनेंगी, बल्कि अपने परिवार और पूरे क्षेत्र को गर्व और सम्मान से नवाज़ेंगी। इस सफलता ने बंड क्षेत्र के ग्रामीणों को यह सन्देश दिया है कि शिक्षा और दृढ़ संकल्प से कोई भी ऊँचाई पाई जा सकती है।

Original Title: पहाड़ की बेटी ने हासिल किया बड़ा मुकाम, श्रेया मिश्रा का दून मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए चयन
Original Content: Shreya Mishra | Doon Medical College | Chamoli News : चमोली जिले के बंड क्षेत्र की बेटी श्रेया मिश्रा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्राम सभा सल्ला-रैतौली की रहने वाली श्रेया का चयन एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में हुआ है। श्रेया के चयन की खबर मिलते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं बंड क्षेत्र के ग्रामीण भी उनकी इस उपलब्धि से उत्साहित हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर हासिल की सफलता श्रेया ने ग्रामीण परिवेश से आगे बढ़ते हुए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और लगातार प्रयास का नतीजा है। श्रेया की उपलब्धि को लेकर परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। स्कूल की प्रधानाचार्य ने दी शुभकामनाएं पीएम श्री आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ज्योतिर्मठ की प्रधानाचार्य उर्मिला बहुगुणा ने श्रेया को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्रेया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया। पहाड़ की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा क्षेत्रवासियों का कहना है कि श्रेया की सफलता पहाड़ की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है। उनका मानना है कि ग्रामीण और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी भी मेहनत और मजबूत संकल्प के साथ अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। लोगों को उम्मीद है कि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रेया एक कुशल चिकित्सक के रूप में अपनी पहचान बनाएंगी और अपने परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।