उत्तराखंड में SIR-2026 के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग की शिकायतें मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। 6 जिलों के जिला अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूचना अधिकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने 18 अगस्त को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि फर्जी और बेनामी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी ने 20 अगस्त को पत्र जारी कर 6 जिलों के जिला अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को नदीम उद्दीन की शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए।
पत्र में कहा गया है कि दावे और आपत्तियों की प्राप्ति और उनके निस्तारण में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 और मैनुअल ऑफ इलेक्टोरल रोल्स-2023 में निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्वाचन आयोग की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन किया जाए।
जिन 6 जिलों के जिला अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, उनमें हरिद्वार, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं।
नदीम उद्दीन ने अपनी शिकायत में मांग की थी कि जिन आपत्तियों की पुष्टि आपत्तिकर्ता से नहीं हो पाती है, उन्हें निरस्त किया जाए। वहीं, पुष्टि होने वाली आपत्तियों की जांच के दौरान आपत्तिकर्ता से आवश्यक साक्ष्य लिए जाएं और जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति दर्ज की गई है, उसे भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
