गुरुवार को रुद्रपुर के एक निजी विद्यालय में आयोजित “मेरे सपनों का उत्तराखंड” थीम वाले ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस मंच पर उन्होंने युवा छात्रों के साथ बातचीत की, उनके विचार, सुझाव और भविष्य के उत्तराखंड के लिए उनकी कल्पनाओं को सुना।
धामी ने कहा कि छात्रों की ऊर्जा, नवाचारी सोच और विकसित प्रदेश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य युवा वर्ग को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है, क्योंकि उनका योगदान राज्य के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने “विकसित भारत‑विकसित उत्तराखंड” के संकल्प को साकार करने हेतु शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, कृषि, खेल, तकनीक और अन्य सभी क्षेत्रों को सुदृढ़ करने की योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने दोहराया कि युवा शक्ति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है और उनके सपनों, विचारों तथा प्रतिभा को अवसर देकर ही आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राज्य का निर्माण संभव होगा।
धामी ने यह भी कहा कि युवा न केवल आज के बल्कि कल के भविष्य के निर्माता हैं। “मेरे सपनों का उत्तराखंड” निबंध प्रतियोगिता में छात्रों के उत्साह की सराहना करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य पर्यटन, नवाचार और विज्ञान‑प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और इन क्षेत्रों के लिए नई नीतियों को लागू किया गया है।
विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के संदर्भ में उन्होंने बताया कि देहरादून में देश की पाँचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी का निर्माण किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक में अग्रणी बनने के अवसर प्रदान करना है।
नेतृत्व के महत्व पर बात करते हुए धामी ने कहा कि नेतृत्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि खेल, चिकित्सा, विज्ञान, मीडिया और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने वाले लोग सच्चे नेता होते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जुड़कर राज्य और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देने का आग्रह किया और सभी को राखी के शुभकामनाएँ दीं।
धामी ने यह भी उजागर किया कि “मेरे सपनों का उत्तराखंड” प्रतियोगिता को व्यापक समर्थन मिला है, जहाँ प्रदेश भर के 2,67,744 छात्रों ने अपने निबंध और विचार भेजे हैं। इन प्रस्तुतियों में उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति युवाओं की गहरी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकती है।
