भाजपा के विस्तार के प्रयासों में एक नया मोड़ आया है, जब गोरखा समुदायों का राजनीतिक दल गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट (GDF) ने भाजपा के साथ विलय कर लिया। इस कदम का उद्देश्य आने वाले चुनावों में भाजपा को और मजबूती प्रदान करना है।
विलय समारोह पार्टी के मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां GDF के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट को औपचारिक विलय पत्र सौंपा। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने शाही और फ्रंट के अन्य पदाधिकारियों को पार्टी का पटका पहनाकर सदस्यता दिलाई।
महेंद्र भट्ट ने इस अवसर पर GDF के विलय का स्वागत करते हुए इसे पार्टी के संगठनात्मक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पिछली चुनावों में फ्रंट का समर्थन मिला था और इससे पहले फ्रंट ने कई विधानसभाओं में सक्रियता दिखाई है। इसलिए इस बार का विलय भाजपा को और मजबूती देगा, क्योंकि बड़ी संख्या में अन्य दलों के सदस्य जुड़ने से पार्टी की शक्ति बढ़ती है।
भट्ट ने GDF के निर्णय को राज्य हित में बताते हुए कहा कि यह विलय उत्तराखंड में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दल के अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पार्टी सदस्यों को उचित सम्मान और सहायता प्रदान करेगी।
इस बीच, पार्टी ने नेपाल में हुई बड़ी त्रासदी पर गहरा दुख जताया। पीएम मोदी और अन्य नेताओं के साथ-साथ पार्टी ने शोक संवेदना व्यक्त की और कहा कि घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करते हैं। भारत की ओर से बड़ी मात्रा में राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है, और पार्टी गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के माध्यम से अतिरिक्त राहत राशि एकत्र करने की योजना बना रही है, जिसे धामी सरकार के माध्यम से नेपाल की सहायता के लिए उपयोग किया जाएगा।
