अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

ख़बर शेयर करे :
Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google

The post अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज appeared first on Avikal Uttarakhand.

मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को नहीं मिली राहत- भाजपा

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सभी आरोपियों की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी।उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को अभियुक्तों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
प्रदेश सरकार की ओर से की गई मजबूत पैरवी के चलते आरोपियों को कोई राहत नहीं मिल सकी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड सितंबर 2022 का एक चर्चित मामला है, जिसमें ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट की 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता की हत्या कर दी गई थी। अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई थीं और 24 सितंबर को उनका शव चीला बैराज से मिला था।

कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को मुख्य आरोपी रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि
यह एक बार फिर स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटी अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा सुनिश्चित करने के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।
चौहानं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिलना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण में पहले दिन से लेकर न्यायालय के अंतिम फैसले तक अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी गंभीरता और मजबूती से कार्य किया।

घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा गया और मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई, जिसमें लगभग 100 गवाहों के बयान सहित महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा लगातार मजबूती से पैरवी की गई, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां बार-बार खारिज हुईं और वे मुकदमे के दौरान सलाखों के पीछे रहे। मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप अंततः अंकिता के कातिलों को उम्रकैद की सजा मिली।

प्रदेश सरकार ने पूरी प्रक्रिया के दौरान अंकिता के माता-पिता और परिवार की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। परिजनों की मांग के अनुरूप तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले गए। इतना ही नहीं, अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।

सरकार ने परिवार को संबल प्रदान करने के लिए ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके साथ ही दिवंगत अंकिता के भाई और उनके पिता को नौकरी प्रदान कर परिवार के साथ खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता को भी पूरा किया।

इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख पहले दिन से स्पष्ट रहा कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे तक पहुंचाकर कठोरतम सजा दिलाई जाएगी। जांच को लेकर उठाए गए सवालों के बीच न्यायिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया को संतोषजनक माना गया और मजबूत अभियोजन के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा तक पहुंचाया गया।

चौहानं ने कहा कि तथाकथित ‘VIP’ के नाम पर कांग्रेस और अन्य संगठन के लोगों द्वारा भी लगातार सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। यदि इस संबंध में किसी के पास कोई ठोस तथ्य अथवा साक्ष्य था, तो उसे जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष रखा जाना चाहिए था। अदालत के बाहर राजनीतिक लाभ के लिए आरोप लगाना और जनता को भ्रमित करना न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि बेटी अंकिता से जुड़े अत्यंत संवेदनशील प्रकरण का राजनीतिक इस्तेमाल है।

The post अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज appeared first on Avikal Uttarakhand.

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates and guides.
Add as preferred source on Google
×