📅 Saturday, 26 September 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
⚡ ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 उत्तराखंड सरकार ने बैंक हड़ताल से पहले पेंशन व वेतन को कर दिया अग्रिम जारी 🔴 उत्तराखंड के दो पर्वतारोहियों ने लद्दाख की 6000‑मीटर से ऊँची तीन चोटियों को किया सफलतापूर्ण फतह 🔴 हल्द्वानी का शाने-ए-आसमा: लक्ष्य राय चंदनी की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को किया 3-0 से क्लीन स्वीप 🔴 उत्तराखंड बोर्ड ने कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, केवल ₹10 में दर्जा सुरक्षित 🔴 पिथौरागढ़ में दिव्यांग किशोरी पर ताऊ के दुष्कर्म का खुलासा, अस्पताल से मिली गर्भावस्था की पुष्टि 🔴 नैनीताल में रेड अलर्ट के तहत 26 सितंबर को स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, भारी बारिश के खतरे से बचाव के उपाय
होम » ख़बरें » अवैध खनन पर CM Dhami की सख्ती का असर!, चार गुना बढ़ा उत्तराखंड का खनन राजस्व

अवैध खनन पर CM Dhami की सख्ती का असर!, चार गुना बढ़ा उत्तराखंड का खनन राजस्व

उत्तराखंड में अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई का असर प्रदेश के राजस्व में देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने खनन आवंटन और खनन परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ ही अवैध खनन पर सख्ती दिखाई। इसी का नतीजा ये हुआ कि डेढ़ साल से भी कम समय में सालाना खनन राजस्व 300 करोड़ से 1200 करोड़ के पार पहुंच गया है।

अवैध खनन पर CM Dhami की सख्ती का असर!

खनन गतिविधियों को लेकर आमतौर लोगों में नकारात्मक धारणा रहती है। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2024 को नई खनन नीति लागू की थी। नई खनन नीति में ई निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन, खनन गतिविधियों की सेटेलाइट निगरानी जैसे कई नए प्रयोग किए गए।

चार गुना बढ़ा उत्तराखंड का खनन राजस्व

इसके साथ ही सीएम धामी ने पुलिस-प्रशासन को भी अवैध खनन पर सख्ती दिखाने के निर्देश दिए। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सितंबर 2024 से पहले राज्य को खनन से सिर्फ 300 करोड़ रुपए तक ही सालाना राजस्व प्राप्त हो पाता था। लेकिन अब ये राजस्व 1200 करोड़ के पार चला गया है।

केंद्र सरकार से भी मिली सहायता

यही नहीं उत्तराखंड को खनन सुधार लागू करने के लिए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हो चुका है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए ₹200 करोड़ की विशेष सहायता स्वीकृत की है।

इन सुधारों से बदली तस्वीर

  • ई निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन
  • अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई गई
  • खनन परिवहन के लिए माइनिंग सर्विलांस सिस्टम
  • खनन गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग और निरीक्षण

खनन से मिले राजस्व से जन कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार

आम लोगों को आवासीय या अन्य निर्माण के लिए खनन सामग्री की आवश्यकता होती है। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भी खनन की आवश्यकता है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि खनन पर्यावरण के मानकों के अनुसार हो, साथ ही इसके लिए पारदर्शी तंत्र विकसित किया गया। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इससे राजस्व में भी शानदार वृद्धि हुई है। जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन हो रहा है।

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।