📅 Saturday, 26 September 2026 ⛅ 24°C नैनीताल / देहरादून 📈 SENSEX +420.5 (82,140)
Ad Space (728x90) - Appearance > Customize > Ad Placements
⚡ ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 उत्तराखंड के दो पर्वतारोहियों ने लद्दाख की 6000‑मीटर से ऊँची तीन चोटियों को किया सफलतापूर्ण फतह 🔴 हल्द्वानी का शाने-ए-आसमा: लक्ष्य राय चंदनी की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को किया 3-0 से क्लीन स्वीप 🔴 उत्तराखंड बोर्ड ने कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, केवल ₹10 में दर्जा सुरक्षित 🔴 पिथौरागढ़ में दिव्यांग किशोरी पर ताऊ के दुष्कर्म का खुलासा, अस्पताल से मिली गर्भावस्था की पुष्टि 🔴 नैनीताल में रेड अलर्ट के तहत 26 सितंबर को स्कूल-आंगनबाड़ी बंद, भारी बारिश के खतरे से बचाव के उपाय 🔴 उत्तराखंड में ‘लाल चेतावनी’ का अलार्म: सीएम धामी ने जारी किया सख्त आदेश, 26-27 सितंबर के लिए रहें अलर्ट
होम » ख़बरें » केदारनाथ समेत सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित!, कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

केदारनाथ समेत सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित!, कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की ओर से समिति के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने का फैसला लिया गया है। अब समिति के इस फैसले पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर भड़की कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस के मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने कहा कि अब क्या कोई राजनीतिक दल या धामी सरकार यह तय करेगी कि मेरी आस्था क्या है? क्या सिख होने या गैर-हिंदू होने के आधार पर मुझे हर की पौड़ी या चारधाम के दर्शन से वंचित किया जाएगा? अमरजीत सिंह ने कहा कि धामी सरकार लगातार समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। इसी विभाजनकारी सोच के तहत पहले हरिद्वार की हर की पौड़ी पर प्रयोग किया गया और अब चारधाम के मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने की कोशिश की जा रही है।

सिख श्रद्धालुओं की यात्रा पर हो रहे प्रश्नचिह्न खड़े: कांग्रेस

अमरजीत सिंह ने आगे खा कि यह भाजपा और आरएसएस की धर्म आधारित विभाजनकारी राजनीति का एक और प्रयोग है, जिसका उद्देश्य समाज में वैमनस्य पैदा करना है। हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालु सालों से अपनी यात्रा को तभी पूरा मानते रहे हैं, जब वे भगवान बद्रीनाथ के दर्शन भी करते थे। अब इन लाखों श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया गया है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की साझा संस्कृति और परंपराओं के भी खिलाफ है।

आस्था को मापने का यह नया पैमाना क्या है: कांग्रेस

अमरजीत सिंह ने कहा सरकार यह कह रही है कि “आस्था” के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कौन गैर-हिंदू है। पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आस्था को मापने का यह नया पैमाना क्या है और इसे तय करने का अधिकार किसे दिया गया है। अमरजीत ने आगे कहा कि उत्तराखंड का निवासी होने के नाते मैंने खुद कई बार बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए हैं ओर जागेश्वर धाम सहित अनेक प्राचीन मंदिरों में जाने का सौभाग्य प्राप्त किया है। अब क्या कोई राजनीतिक दल या सरकार यह तय करेगी कि मेरी आस्था क्या है? क्या सिख होने या गैर-हिंदू होने के आधार पर मुझे हर की पौड़ी या चारधाम के दर्शन से वंचित किया जाएगा?

धार्मिक स्थल में प्रवेश देने या रोकने का अधिकार सरकार को नहीं है: कांग्रेस

मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने कहा कि भारत की मूल भावना “वसुधैव कुटुंबकम्” रही है। किसी भी व्यक्ति को किसी धार्मिक स्थल में प्रवेश देने या रोकने का अधिकार सरकारों को नहीं है। सरकारों का काम जनहित में कार्य करना है, न कि धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं में हस्तक्षेप करना। धामी सरकार को इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए और समाज को बांटने वाले ऐसे प्रयासों से बाज आना चाहिए।

ये भी पढ़ें: केदारनाथ- बदरीनाथ समेत सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित!, BKTC अध्यक्ष का बड़ा ऐलान

admin सत्यापित पत्रकार

आधिकारिक पत्रकार एवं विशेष संवाददाता।