कांग्रेस की ज़बरजस्त हार के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हिमांशु गावा ने साधी चुप्पी जिले भर जमकर हो रही है धू धू

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ऊधम सिंह नगर – (एम सलीम खान ब्यूरो) उत्तराखंड निकाय चुनावों में कांग्रेस की बुरी गर्द हुई है पूरे जिले में कांग्रेस बमुश्किल एक बड़ी सीट ही बचा पाईं, और सत्तारूढ़ भाजपा ने जिले भर में बड़ी सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखने में सफलता हासिल की यही हल्द्वानी नगर निगम और काशीपुर नगर निगम में भाजपा ने मेयर सीट की पर कब्जा किया है और कांग्रेस को नाकों चने चबवा दिए हैं , असली नाटक तो रुद्रपुर नगर निगम से कांग्रेस प्रत्याशी मोहन लाल खेड़ा ने चुनाव हारने के बाद पांच दिनों बाद मीडिया के सामने किया, मोहन लाल खेड़ा अपनी ही पार्टी के मीर जाफरो की साज़िश का शिकार हो गए और आम चुनावों में कांग्रेस से चुनाव हार गए, खेड़ा ने मीडिया के सामने जो कुछ सबूत रखें उससे साफ जाहिर हो गया है कि घर का भेदी लंका ढाएं, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा को लेकर खेड़ा ने जिस खुलासों को जग जाहिर किया उन्हें सुनकर आम जनता भी हैरत में पड़ गयी और कांग्रेस की अंदरुनी कलह खुलकर सामने आ गई खेड़ा ने तो यहां तक कहा दिया कि कांग्रेस आने वाले 30 सालों तक कोई भी चुनाव नहीं जीत सकतीं हैं क्योंकि कांग्रेस में ऊंचे हौदो पर बैठे लोग खुद कांग्रेस के लिए कैंसर बन गये है और मोटा पैसा लेकर टिकट बांट रहे हैं उन्होंने इसके पुख्ता सबूत भी पेश किया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा के साथ टिकट देने के दौरान हर मोर्चे पर उनके साथ भाईचारा एकता मंच के अध्यक्ष केपी गंगवार मौजूद नजर आए और जो रकम टिकट देने के नाम पर ली गई केपी गंगवार के ही खाते में ट्रांसफर की गई है, हालांकि महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और उन्होंने इसका खंडन किया है अब इतना बड़ा बवाल खड़ा होने के बाद भी ऊधम सिंह नगर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने अभी तक इस मामले पर कोई रोशनी नहीं डाली है और उन्होंने चुप्पी साध ली है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस घमासान से जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा वाकिफ नहीं हैं या जान पूछकर कान और जुबान नीचे डाल कर बैठे हुए हैं,ऐसी स्थिति में गावा के दमन को शक की नजर से देखा जा रहा है क्योंकि उन्होंने अभी तक जिले भर करारी हार की समीक्षा बैठक तक नहीं की और शहर से गुमशुदा हो गये है,ऐसी स्थिति में ऊधम सिंह नगर में बची कुची कांग्रेस ने भी दम तोड दिया है और भारतीय जनता पार्टी ने फिर एक बार कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने में अहम किरदार निभाया है।

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